पशुओं के लिए दवाएं
(1) फूड़टोन : चारा न खाना, सर्दी-जुकाम, बुखार, दस्त, लगड़ी, पैरों में झनझनाहट तथा पाचन सम्बन्धी सभी बीमारियों में प्रभावशाली।
(2) सिस्ट क्योर : थनैल रोग में प्रभावशाली। जैसे - गाठे कड़ी होना, मवाद आने और दूध की धार बंद में उपयुक्त।
(3) बेलाटोन : पुरैन (बेला) निकलने में रामबाण औषधि।
(4) ऐनी क्योर  : खुरपका, मुहपका में प्रभावशाली है।
(5) मिल्कटोन  : गुणवत्ता यूक्त दूध बढाने में प्रभावशाली।
(6) मिल्कक्योर : दूध उतारने हेतु। पेनाव को नियमित करती है। पेट में प्लेसेंटा, नाल के फंसने में प्रभावकारी।
(7) बर्मी टोन : पेट में कीड़े बच्चों में जकड़ने, ऐंठन व न्यूरोसिस से सम्बंधित बीमारियों और बड़े जानवरों का मिटटी खाने में प्रभावकारी।
(8) सिसटोन : थनैल की प्रारंभिक अवस्था या कहीं भी फोड़ा निकलने, बतौरी में विशेष प्रभावकारी।
(9) प्लेसेंटा टानिक : प्रसव उपरान्त देने से कचरे की सफाई और सुरक्षात्मक दृष्टीकोण से भी प्रभावकारी।
(10) सृजन : यह गर्भधारण क्षमता को बढ़ाकर बांझपन दूर करती है।